Name Of Post : गेहूं की फसल में बाली बढ़ाने का जबरदस्त फॉर्मूला – पैदावार 30% तक बढ़ाएं
गेहूं की फसल में बाली बढ़ाने का जबरदस्त फॉर्मूला – पैदावार 30% तक बढ़ाएं
गेहूं की फसल में बालीयाँ, ग्रोथ और पैदावार बढ़ाने का खास फॉर्मूला
November 24, 2025 – By Admin
भारत में गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहतर पैदावार हासिल करना हमेशा एक चुनौती रहा है। आज के समय में किसान आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके फसल प्रबंधन को बेहतर बना रहे हैं, जिससे उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में आज हम आपके लिए एक ऐसा खास और असरदार फॉर्मूला लेकर आए हैं, जिसे यदि सही समय पर और सही तरीके से दिया जाए तो गेहूं की पैदावार में 25–30% तक की बढ़ोतरी आसानी से हो सकती है।
अच्छी पैदावार के लिए फसल का मजबूत विकास जरूरी
गेहूं की अधिक उपज का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधार है—फसल की ग्रोथ।
जितनी अच्छी ग्रोथ होगी, उतनी ही ज्यादा बालीयाँ निकलेंगी, दाने भरेंगे और पैदावार तेजी से बढ़ेगी।
इसीलिए वैज्ञानिक फॉर्मूला अपनाना बहुत जरूरी है।
गेहूं की ग्रोथ और बाली बढ़ाने का खास फॉर्मूला
यह फॉर्मूला गेहूं की फसल के लिए 30 से 35 दिन की अवस्था पर सबसे ज्यादा असरदार होता है। इस समय ज्यादातर किसान वीडिसाइड (घास मार दवा) का छिड़काव कर चुके होते हैं।
वीडिसाइड के बाद फसल को हल्का शॉक लगता है और कभी-कभी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। इसी शॉक को कम करने और फसल की ग्रोथ को दोबारा तेज करने के लिए यह फॉर्मूला बहुत कारगर है।
एक एकड़ के लिए फॉर्मूला
✔ 30 किलो अमोनियम सल्फेट
✔ 5 किलो जिंक सल्फेट
इस मिश्रण को वीडिसाइड के बाद अगली सिंचाई में डालें।
आप फसल में स्पष्ट सुधार और तेज ग्रोथ देख सकेंगे।
इस फॉर्मूले से फसल को क्या फायदे होते हैं?
1. अमोनियम सल्फेट के फायदे
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धीरे-धीरे नाइट्रोजन छोड़ता है
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यूरिया की तुलना में अधिक समय तक प्रभावी
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फसल को स्थिर और संतुलित नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है
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मिट्टी का pH थोड़ा कम करके जिंक की उपलब्धता बढ़ाता है
2. जिंक सल्फेट के फायदे
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फसल में ऑक्सिन जैसे ग्रोथ हॉर्मोन को एक्टिवेट करता है
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जड़ विकास और सेल डिवीजन को तेज करता है
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अधिक टिलर (अंकुर) बनते हैं
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इससे बाली की संख्या बढ़ती है
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दानों का भराव बेहतर होता है
जिंक की सही मात्रा मिलने पर गेहूं का पौधा मजबूत होता है और पैदावार में सीधी बढ़ोतरी होती है।
फर्टिलाइज़र मैनेजमेंट + यह खास फॉर्मूला = निश्चित ज्यादा पैदावार
यदि आपने बुवाई के समय उचित खाद प्रबंधन किया है और 30–35 दिन पर यह फॉर्मूला दे दिया है, तो फसल में उत्कृष्ट वृद्धि देखने को मिलेगी।
स्प्रे कब करें?
यदि फसल में 40–50 दिन पर
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काली मक्खी
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माहू
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एफिड
जैसे कीट लगते हैं तो उसी समय स्प्रे करें।
अनावश्यक स्प्रे करने की जरूरत नहीं होती।
किसानों के लिए उपयोगी सलाह
वीडियो में यह सलाह दी गई है कि किसान इस फॉर्मूले को एक एकड़ में आजमाएं और दूसरे एकड़ में न लगाकर फर्क देखकर खुद निर्णय लें।
ज्यादातर किसानों को फसल की ग्रोथ, बाली की संख्या और दानों के भराव में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
निष्कर्ष
यह आसान, सस्ता और अत्यधिक असरदार फार्मूला गेहूं की फसल की
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ग्रोथ बढ़ाता है
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बाली की संख्या बढ़ाता है
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दानों को भरपूर बनाता है
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कुल पैदावार में 25–30% की बढ़ोतरी करता है
यदि इसे सही समय पर और सही मात्रा में दिया जाए, तो गेहूं की खेती में शानदार परिणाम मिल सकते हैं।
