Name Of Post : PF New Rule 2025: सरकार का बड़ा फैसला, अब कर्मचारी निकाल सकेंगे 100% PF राशि
PF New Rule 2025: सरकार का बड़ा फैसला, अब कर्मचारी निकाल सकेंगे 100% PF राशि
💥 PF New Rule: सरकार का बड़ा फैसला, अब आसानी से निकाल सकेंगे पूरा PF पैसा
भारत में लाखों निजी क्षेत्र के कर्मचारी हर महीने अपने वेतन का एक निश्चित हिस्सा प्रॉविडेंट फंड (PF) में जमा करते हैं। यह राशि उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बचत मानी जाती है।
अब तक PF का पैसा निकालने की प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली मानी जाती थी। लेकिन अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सभी सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए निकासी (Withdrawal) के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
🏛️ ईपीएफओ का ऐतिहासिक फैसला
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई EPFO की केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
अब देशभर के 7 करोड़ से अधिक EPFO सदस्यों को आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमों में बड़ी छूट दी गई है।
👉 अब सदस्य अपनी जमा कुल राशि का 100% तक निकाल सकेंगे, जबकि पहले केवल कुछ सीमित प्रतिशत ही निकालने की अनुमति थी।
यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए वरदान है जिन्हें अचानक किसी आपात स्थिति (Emergency) में पैसों की तुरंत आवश्यकता पड़ती है।
💰 100% निकासी की नई सुविधा
श्रम मंत्रालय के अनुसार अब सदस्य अपने खाते में जमा पूरी राशि —
✅ कर्मचारी का योगदान
✅ नियोक्ता का योगदान
— दोनों मिलाकर निकाल सकेंगे।
हालांकि, खाते में कम से कम 25% राशि न्यूनतम शेष (Minimum Balance) के रूप में बनाए रखना अनिवार्य होगा ताकि भविष्य की सुरक्षा बनी रहे।
🗂️ निकासी की नई 3 श्रेणियाँ
EPFO ने निकासी प्रक्रिया को तीन प्रमुख वर्गों में बाँटा है:
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आवश्यक जरूरतें — गंभीर बीमारी, बच्चों की शिक्षा, विवाह आदि।
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आवासीय जरूरतें — घर खरीदना, बनवाना, मरम्मत या नवीनीकरण।
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विशेष/आपातकालीन परिस्थितियाँ — आकस्मिक जरूरतों में तुरंत पैसा निकालने की सुविधा।
इस वर्गीकरण से अब कर्मचारियों को समझना आसान होगा कि वे किस कारण से पैसा निकाल सकते हैं।
🎓 शिक्षा और विवाह के लिए बढ़ी सीमा
पहले शिक्षा और विवाह के लिए सीमित बार निकासी की अनुमति थी, लेकिन अब:
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शिक्षा के लिए 10 बार तक निकासी की अनुमति।
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विवाह के लिए 5 बार तक निकासी की अनुमति।
यह बदलाव मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित होगा।
🧾 कारण बताने की अनिवार्यता खत्म
अब “विशेष परिस्थितियों” में पैसा निकालने के लिए
❌ किसी प्रकार का विस्तृत कारण या दस्तावेज़ बताना आवश्यक नहीं होगा।
पहले निकासी के आवेदन अक्सर “कारण स्पष्ट न होने” पर अस्वीकार कर दिए जाते थे, जिससे कर्मचारियों को परेशानी होती थी।
अब यह बाध्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
🕒 सेवा अवधि की शर्त में राहत
पहले PF निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि की सख्त शर्त होती थी,
जिसे अब घटाकर केवल 12 महीने (1 वर्ष) कर दिया गया है।
इससे नए और युवा कर्मचारियों को जल्दी PF निकालने की सुविधा मिलेगी।
📆 अंतिम निपटान की अवधि में वृद्धि
EPFO ने सेवानिवृत्त या नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए अंतिम निपटान अवधि बढ़ा दी है:
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पहले 2 महीने → अब 12 महीने (1 वर्ष)
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पेंशन निकासी अवधि 2 महीने → अब 36 महीने (3 वर्ष)
यह बदलाव रिटायर कर्मचारियों के लिए बहुत राहत भरा है,
क्योंकि उन्हें अब अपने पैसे निकालने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
✅ निष्कर्ष
EPFO के ये नए नियम करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत हैं।
इनसे PF की निकासी प्रक्रिया:
✔️ आसान,
✔️ पारदर्शी,
✔️ और उपयोगकर्ता के अनुकूल हो गई है।
सरकार का यह कदम कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल है।
⚠️ ध्यान दें:
PF से जुड़ी नीतियाँ समय-समय पर बदल सकती हैं।
इसलिए किसी भी निकासी से पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है — किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
