Skip to main content

www.sarkarilover.info provides authentic, simple, and up-to-date government news, exam updates, results, and career guidance for all.

9092134973800212552

Name Of Post : 7th CPC अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका, DA बढ़ोतरी पर फिर लगा ब्रेक

7th CPC अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका, DA बढ़ोतरी पर फिर लगा ब्रेक

7th CPC अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका, DA बढ़ोतरी पर फिर लगा ब्रेक

केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत मिलने वाली महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने इस पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।



2.86% बढ़ा DA, लेकिन फायदा नहीं मिला

श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार AICPI इंडेक्स के आधार पर महंगाई भत्ता करीब 2.86% बढ़ चुका है, जिससे DA कुल मिलाकर लगभग 13.1% तक बढ़ने की स्थिति में है। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक इसे लागू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

2 साल से DA रिवीजन का इंतजार

केंद्रीय कर्मचारियों का कहना है कि पिछले करीब 2 साल से DA में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। रोजमर्रा की जरूरतों जैसे राशन, गैस, पेट्रोल, शिक्षा और इलाज का खर्च काफी बढ़ चुका है, लेकिन वेतन में उसके अनुरूप राहत नहीं मिली।

1 करोड़ कर्मचारियों में नाराजगी

इस फैसले से करीब 1 करोड़ कर्मचारी और पेंशनधारक प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। कई यूनियनों का कहना है कि अगर जल्द DA बढ़ोतरी पर फैसला नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वित्तीय दबाव और बजट संतुलन के कारण DA बढ़ोतरी को टाला जा रहा है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में इस पर सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है।

कर्मचारियों को क्या उम्मीद?

कर्मचारी चाहते हैं कि:

  • बकाया DA का भुगतान किया जाए

  • DA बढ़ोतरी को तुरंत लागू किया जाए

  • भविष्य में नियमित अंतराल पर DA रिवीजन हो

निष्कर्ष

7th CPC के तहत DA बढ़ोतरी का मामला एक बार फिर लटकता हुआ नजर आ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला न होना कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।