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Name Of Post : मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का डिजिटलीकरण

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का डिजिटलीकरण

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का डिजिटलीकरण

अब किसान घर बैठे उठा सकेंगे योजना का लाभ | फरवरी 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया

राज्य सरकार किसानों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का पूर्ण डिजिटलीकरण कर रही है। इस कदम का उद्दे


श्य योजना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज़ बनाना है, ताकि किसानों को लाभ पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सरकार के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।



योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में किसानों एवं उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। खेत में काम करते समय, कृषि यंत्रों के उपयोग के दौरान या अन्य कृषि गतिविधियों में दुर्घटना होने पर यह योजना सुरक्षा कवच का काम करती है।


क्या है डिजिटलीकरण का फायदा?

डिजिटलीकरण के बाद किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे—

  • ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

  • घर बैठे दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा

  • ✅ आवेदन की रीयल-टाइम ट्रैकिंग

  • ✅ दावा निपटान में तेजी और पारदर्शिता

  • ✅ दलालों और अनावश्यक देरी से छुटकारा


फरवरी 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया

सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना से जुड़ी सभी सेवाएं—आवेदन, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान—को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इसके लिए पोर्टल और आईटी सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। फरवरी 2026 तक किसान पूरी तरह ऑनलाइन इस योजना का लाभ ले सकेंगे।


पात्रता (संक्षेप में)

  • राज्य का स्थायी किसान

  • भूमि रिकॉर्ड/किसान पंजीकरण उपलब्ध

  • दुर्घटना खेती-किसानी से संबंधित हो

(पात्रता से जुड़े विस्तृत नियम राज्य के निर्देशानुसार लागू होंगे)


आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • किसान पंजीकरण/भूमि रिकॉर्ड

  • बैंक खाता विवरण

  • दुर्घटना से संबंधित प्रमाण/रिपोर्ट


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का डिजिटलीकरण किसानों के लिए एक बड़ा राहत कदम है। इससे न केवल समय और पैसा बचेगा, बल्कि जरूरत के समय त्वरित आर्थिक सहायता भी सुनिश्चित होगी। सरकार का यह प्रयास किसानों की सुरक्षा और सम्मान को और सुदृढ़ करेगा।

सलाह: किसान भाई-बहन अपने दस्तावेज अपडेट रखें और आधिकारिक पोर्टल/सूचनाओं पर नज़र बनाए रखें ताकि डिजिटलीकरण पूरा होते ही वे आसानी से आवेदन कर सकें।