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Name Of Post : Gorakhpur–Shamli Expressway Latest News Today | 700 Km एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट

Gorakhpur–Shamli Expressway Latest News Today | 700 Km एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट

🛣️ शीर्ष समाचार: परियोजना की DPR तैयार, बड़ी प्रगति

उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है, और अब यह तेजी से भूमि अधिग्रहण और निर्माण की ओर बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश (गोरखपुर) को पश्चिमी यूपी (शामली) से जोड़ना है, जिससे राज्य के पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा।



नवीनतम जानकारी के अनुसार:
✔️ इस एक्सप्रेसवे की DPR पूरी हो चुकी है और राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने इसे मंज़ूरी के प्रस्ताव के लिए आगे भेज दिया है।
✔️ 22 जिलों को जोड़ने वाला यह मार्ग लगभग 700 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है।
✔️ परियोजना पूरी होने पर पांच अन्य बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़कर यातायात और लॉजिस्टिक्स की दक्षता और बेहतर होगी।


📍 रूट और गहराई से जानकारी (Experts Breakdown)

🔹 रूट विस्तार:
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुज़रेगा, जिनमें बरेली, पीलीभीत, सहारनपुर, मेरठ, हरदोई और अन्य प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इसका मार्ग पश्चिम-पूर्वी दिशा में होगा और यह पूर्वांचल को पश्चिमी भाग से सीधा जोड़ेगा।

🔹 स्थानीय विकास:
पीलीभीत क्षेत्र: करीब 41 गांवों से होकर यह एक्सप्रेसवे गुज़रेगा, जिससे वहां के विकास को रफ्तार मिलेगी।
बिलसंडा-बीसलपुर क्षेत्र: यहां यह ग्रोथ सेंटर की भूमिका निभाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल देगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, यानी यह मौजूदा सड़कों पर नहीं बल्कि नई सड़क पर बनाया जाएगा — जिससे निर्माण काफी तेज़ और व्यवस्थित तरीके से होगा।


📈 विशेषज्ञों की राय (Experts Opinion)

कनेक्टिविटी में बड़े फायदे

विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे:
✔️ पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक की दूरी और समय को काफी कम करेगा।
✔️ लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगा तथा व्यापार-परिवहन से जुड़ी लागतों को कम करेगा।
✔️ कुछ मुख्य शहरों और औद्योगिक केंद्रों के बीच यात्रा को सुव्यवस्थित करेगा।

विशेष रूप से, अगर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होता है तो यात्रियों और भारी वाहनों सहित सभी प्रकार के ट्रैफिक में वक्त की बचत और सड़क सुरक्षा में सुधार संभव है।


💰 लागत और आर्थिक प्रभाव (Estimate)

Experts कहते हैं कि ऐसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में:
✔️ ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में राजस्व और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
✔️ भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के चरण के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होता है — जिससे स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों को मुआवजा मिलता है
✔️ अंत में, पूरे नेटवर्क के बनने पर राज्य की व्यापार-आर्थिक क्षमता बढ़ती है


🕐 कब शुरू होगा निर्माण? (Timeline Insights)

इस समय:
📌 DPR तैयार हो चुका है और आगे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
📌 जैसे ही भूमि अधिग्रहण पूरी होगी, कंस्ट्रक्शन वर्क (निर्माण-कार्य) अगले चरण में जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार पूरा निर्माण अगले 2-3 सालों में शुरू होने की संभावना है अगर कानूनी और प्रशासनिक मंज़ूरियाँ समय पर मिल जाती हैं।


📊 टेकअवे (Takeaway)

➡️ यह प्रोजेक्ट UP के पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी नेटवर्क को सशक्त बनाएगा
➡️ भूमि отчेक और प्रशासकीय मंज़ूरी अभी जारी है — निर्माण काम जल्द से जल्द शुरू करने पर ध्यान है।
➡️ स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
➡️ इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यात्रा समय और लागत में भारी कमी संभव है।