Name Of Post : UP सरकार का बड़ा फैसला: अब आधार कार्ड नहीं होगा जन्म प्रमाण पत्र का सबूत
UP सरकार का बड़ा फैसला: अब आधार कार्ड नहीं होगा जन्म प्रमाण पत्र का सबूत
📰 यूपी सरकार ने बड़ा फैसला: अब आधार कार्ड को ‘जन्म तिथि प्रमाण’ नहीं माना जाएगा
लखनऊ, 28 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि आधार कार्ड को अब जन्म प्रमाण पत्र या जन्म तिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
👉 सरकार के नियोजन विभाग ने सभी विभागों को जारी किए गए आदेश में कहा है कि
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आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि स्वयं-घोषित (self-declared) होती है और उसमें कोई पुख़्ता जन्म रिकॉर्ड नहीं शामिल होता है।
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इसलिए इसे जन्म प्रमाण पत्र के रूप में आधिकारिक कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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अब सरकारी सेवाओं, भर्ती, पेंशन, छात्रवृत्ति, पासपोर्ट आदि में केवल अधिकृत दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, हाई-स्कूल सर्टिफिकेट आदि) ही दर्ज किए जाएंगे।
यह निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी सरकारी विभागों तथा कार्यालयों को इसका पालन करने का आदेश दिया गया है।
📌 क्या बदल रहा है? सरकार का मुख्य मकसद
✔️ अब तक कई लोग आधार कार्ड को जन्मतिथि, उम्र या जन्म प्रमाण पत्र के रूप में अलग-अलग सरकारी कामों में इस्तेमाल कर लेते थे।
✔️ सरकार का मानना है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि केवल पहचान का हिस्सा होती है, उसे जन्म प्रमाण के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।
✔️ इसका उद्देश्य फर्जी दस्तावेज़ बनाने और गलत तरीकों से सरकारी सेवाओं का दुरुपयोग रोकना है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार पहचान दस्तावेज़ (identity proof) के रूप में उपयोग किया जा सकता है, मगर DOB या जन्म का प्रमाण नहीं बनेगा।
🚨 देश के अन्य हिस्सों में भी यही रुख़
यूपी के अलावा महाराष्ट्र सरकार ने भी एक समान निर्णय लिया है कि
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केवल आधार कार्ड के आधार पर जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्रों की समीक्षा और रद्दीकरण किया जाएगा।
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राज्य सरकार ने कई दिशानिर्देश जारी किए हैं ताकि birth/death certificate के दुरुपयोग को रोका जा सके।
👨⚖️ कानूनी संदर्भ और विशेषज्ञ की राय
कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि Aadhaar Act, 2016 और नियमों के अनुसार Aadhaar का प्रयोग सिर्फ पहचान व सत्यापन के लिए किया जाता है — यह न तो नागरिकता और न ही जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल हो सकता है।
इसीलिए अब सरकारी विभाग Birth Certificate, स्कूल प्रमाण पत्र, हाई-स्कूल मार्कशीट आदि जैसे अधिकृत दस्तावेज़ों की मांग कर रहे हैं।
📍 विशेषज्ञ सुझाव: अब क्या करें?
🔹 अगर आपका जन्म प्रमाण पत्र पहले से मौजूद है → इसे सरकारी प्रक्रियाओं के लिए मुख्य प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करें।
🔹 अगर आपके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है →
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तुरंत अपने नगर निगम/पंचायत कार्यालय से प्रमाण पत्र बनवाएं।
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जिलास्तरीय साइट पर Birth/Death Registry पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें (जैसे WhatsApp सेवा, एसएमएस सुविधा आदि)।
🔹 आधार केवल पहचान के रूप में मान्य रहेगा, DOB के लिए नहीं।
📌 निष्कर्ष – आज की ताज़ा स्थिति
🌟 UP सरकार ने स्पष्ट कर दिया है: Aadhaar अब Birth Certificate या DOB Proof नहीं माना जाएगा।
🌟 Birth Certificate को मुख्य आधिकारिक दस्तावेज माना जाएगा।
🌟 सभी सरकारी विभागों ने इसके अनुपालन के आदेश पा लिए हैं।
🌟 इसका उद्देश्य फर्जी Birth/Death Certificates और दस्तावेज़ों के दुरुपयोग को रोकना है।
