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Name Of Post : यूपी बोर्ड का बड़ा अलर्ट 2026 🚨 छात्रों को फर्जी परीक्षा पेपर और लीक सामग्री से सावधान रहने की सख्त चेतावनी – सोशल मीडिया पर कानूनी कार्रवाई तक!"

यूपी बोर्ड का बड़ा अलर्ट 2026 🚨 छात्रों को फर्जी परीक्षा पेपर और लीक सामग्री से सावधान रहने की सख्त चेतावनी – सोशल मीडिया पर कानूनी कार्रवाई तक!"

📢 यूपी बोर्ड ने छात्रों को फर्जी पेपर/लीक सामग्री के खिलाफ सख़्त चेतावनी जारी की

प्रयागराज (यूपी) से समाचार:
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UP Board) ने 2026 की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं से पहले फर्जी परीक्षा‑पेपर, प्रश्न‑पत्र लीक और भ्रामक सामग्री फैलने पर छात्रों, अभिभावकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है।




📌 1. क्या हुआ?

✔️ कई यू‑ट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 2026 बोर्ड परीक्षा के कथित लीक प्रश्नपत्र और पूर्व‑परीक्षा पेपर वायरल हो रहे हैं।
✔️ इनपे दावा किया जा रहा है कि प्रश्न पत्र “लीक” हो चुके हैं और छात्रों को यह पेपर परीक्षा में आएंगे।
✔️ बोर्ड ने कहा है कि ये सभी सामग्री 100% फर्जी और गुमराह करने वाली है।


📌 2. बोर्ड का कहना (आधिकारिक स्थिति)

🔹 यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि:

• अभी तक कोई भी आधिकारिक परीक्षा प्रश्नपत्र जारी नहीं किया गया है।
• सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री अधिकृत नहीं है और छात्रों को भ्रमित करने वाली है।
• केवल यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और संचार चैनल से ही जानकारी लें।


📌 3. क्यों यह चेतावनी जारी की गई?

🧠 बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक:

📍 फर्जी पेपर फैलाने से छात्रों में भ्रम, तनाव और गलत तैयारी की स्थिति बनती है।
📍 कुछ चैनल और पेज केवल सब्सक्राइबर बढ़ाने/व्यापारिक लाभ के लिए झूठी सामग्री पेश कर रहे हैं।
📍 इससे परीक्षा की सम्मान्यता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।


⚖️ 4. कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

यूपी बोर्ड ने कानून के अनुसार सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी है:

🔸 जो कोई भी फर्जी पेपर सामग्री अपलोड या वायरल करेगा
🔸 या दूसरों को ऐसा सामग्री दिखाएगा/बांटेगा

👉 उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
👉 अगर मामला साइबर क्राइम/धोखाधड़ी का पाया जाता है तो आरोपी को जे़ल (2 साल तक) + जुर्माना ₹15 लाख तक की सज़ा हो सकती है (IPC के अंतर्गत)।
👉 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों को भी गलत सामग्री हटाने का निर्देश दिया गया है; नहीं हटाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।


📌 5. छात्रों को क्या सलाह दी गई?

✔️ केवल आधिकारिक UP Board वेबसाइट और बोर्ड द्वारा जारी सूचना का ही अनुसरण करें।
✔️ वायरल फर्जी प्रश्नपत्र, डेटशीट, पेपर की छवियां/फाइलें कभी परीक्षा की तैयारी का आधार न बनाएं।
✔️ सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट या चैनलों को फॉलो/शेयर न करें।
✔️ संदेह होने पर बोर्ड के हेल्पलाइन/संपर्क माध्यम से पुष्टि करें।


📊 निष्कर्ष

यूपी बोर्ड ने यह चेतावनी इसलिए जारी की है ताकि:

📍 परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष रहे
📍 छात्रों का मनोवैज्ञानिक दबाव न बढ़े
📍 फर्जी अफवाहों और धोखाधड़ी से बचाव हो
📍 असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून का पूरा उपयोग सुनिश्चित हो सके।