Name Of Post : EPFO 36-Month Rule Changed? ₹7,500 Minimum Pension Big Update
EPFO 36-Month Rule Changed? ₹7,500 Minimum Pension Big Update
ब्रेकिंग न्यूज़ | 36-मंथ नियम में बड़ी राहत, अब हर महीने ₹7,500 तक पेंशन का रास्ता साफ!
नई दिल्ली। देशभर के लाखों पेंशनधारकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े 36-मंथ (36 महीने) नियम में महत्वपूर्ण बदलाव/राहत की घोषणा के बाद अब न्यूनतम ₹7,500 मासिक पेंशन की मांग को लेकर नई उम्मीद जगी है। इस फैसले से खासतौर पर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) से जुड़े लाभार्थियों को सीधा फायदा मिल सकता है।
सरकार और संबंधित विभाग की हालिया बैठकों में पेंशन ढांचे को अधिक पारदर्शी और लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा यह मांग उठाई जा रही थी कि पेंशन गणना में लागू 36-महीने के औसत वेतन नियम में संशोधन किया जाए, जिससे पेंशन राशि बढ़ सके।
क्या है 36-मंथ नियम?
अब तक पेंशन की गणना कर्मचारी के अंतिम 36 महीनों के औसत वेतन के आधार पर की जाती रही है। इस नियम के कारण कई कर्मचारियों को कम पेंशन मिलती थी, क्योंकि:
-
अंतिम वर्षों में वेतन में उतार-चढ़ाव
-
नौकरी परिवर्तन या वेतन संरचना में बदलाव
-
भत्तों को बेसिक में शामिल न किया जाना
इन कारणों से औसत वेतन कम हो जाता था, जिससे पेंशन राशि भी घट जाती थी।
नए प्रस्ताव/राहत के तहत इस नियम में संशोधन कर पेंशन गणना को अधिक न्यायसंगत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
₹7,500 न्यूनतम पेंशन की मांग को बल
देशभर के लाखों पेंशनर्स लंबे समय से न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में कई पेंशनधारकों को बहुत कम राशि मिल रही है, जिससे महंगाई के दौर में जीवनयापन कठिन हो रहा है।
ताज़ा चर्चाओं के बाद संकेत मिले हैं कि:
-
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर गंभीर विचार चल रहा है
-
वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं
-
महंगाई भत्ते जैसी सुविधा जोड़ने पर भी विचार संभव
यदि ₹7,500 की न्यूनतम पेंशन लागू होती है तो इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
इस संभावित राहत का फायदा मुख्य रूप से इन वर्गों को मिल सकता है:
-
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से जुड़े सदस्य
-
रिटायर हो चुके निजी क्षेत्र के कर्मचारी
-
कम वेतन वर्ग के पेंशनभोगी
-
वे कर्मचारी जिनकी पेंशन 36-महीने के औसत वेतन के कारण कम बनी थी
विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन गणना में पारदर्शिता और न्यूनतम गारंटी राशि तय होने से सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।
पेंशनर्स संगठनों की प्रतिक्रिया
पेंशनर्स संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि:
-
₹7,500 न्यूनतम पेंशन जल्द से जल्द लागू हो
-
महंगाई राहत (DA) भी पेंशन में जोड़ी जाए
-
पुरानी विसंगतियों को दूर किया जाए
कई संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर अब ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
क्या होगा आगे?
सूत्रों के अनुसार:
-
संबंधित मंत्रालय स्तर पर प्रस्ताव पर चर्चा जारी है
-
वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है
-
अंतिम निर्णय कैबिनेट स्तर पर लिया जा सकता है
यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो आने वाले समय में आधिकारिक अधिसूचना जारी हो सकती है।
निष्कर्ष
36-मंथ नियम में राहत और ₹7,500 मासिक पेंशन की संभावित व्यवस्था देश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय की औपचारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन सरकार की सकारात्मक पहल से उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
पेंशन से जुड़े सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें और किसी भी अफवाह से बचें।
(यह खबर उपलब्ध जानकारी और चल रही चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।)
