Name Of Post : Only ₹500 for Solar Plant? Govt’s New Subsidy Scheme Explained
Only ₹500 for Solar Plant? Govt’s New Subsidy Scheme Explained
नई दिल्ली। देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की घोषणा की है, जिसके तहत आम नागरिकों को मात्र ₹500 में सब्सिडी आधारित सोलर प्लांट लगाने की सुविधा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य बिजली बिल में राहत देना और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से सोलर एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का फोकस घरेलू छतों पर सोलर पैनल लगाने को आसान और किफायती बनाना है।
क्या है योजना का उद्देश्य?
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य है:
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आम लोगों के बिजली बिल को कम करना
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कोयला और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाना
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पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाना
बताया जा रहा है कि योजना के तहत केंद्र सरकार अधिकतम सब्सिडी देगी, जिससे उपभोक्ता को शुरुआती तौर पर केवल ₹500 का नाममात्र शुल्क देना होगा। हालांकि, वास्तविक लागत राज्य, क्षमता और तकनीकी मानकों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
किसे मिलेगा लाभ?
सूत्रों के अनुसार इस योजना का लाभ उन परिवारों को प्राथमिकता से दिया जाएगा:
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जिनके पास स्वयं का मकान है
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जिनकी छत पर सोलर पैनल लगाने की पर्याप्त जगह उपलब्ध है
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जो निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और मध्यम वर्ग के परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है।
आवेदन प्रक्रिया
सरकार की ओर से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। इच्छुक आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बिजली बिल और बैंक खाता विवरण जमा करना होगा। चयन के बाद अधिकृत एजेंसियां घर पर सोलर प्लांट स्थापित करेंगी।
कितनी होगी बचत?
विशेषज्ञों के अनुसार 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर एक परिवार अपने बिजली बिल में हर महीने ₹800 से ₹1500 तक की बचत कर सकता है, जो उपयोग पर निर्भर करेगा। साथ ही, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर लाभ भी कमाया जा सकता है (नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत)।
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य
भारत ने वर्ष 2030 तक बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। सोलर एनर्जी इस लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का मानना है कि ऐसी योजनाओं से देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
हालांकि, योजना से जुड़ी आधिकारिक गाइडलाइन और विस्तृत नियम जारी होने का इंतजार है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत सूचना स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
