Name Of Post : Post Office Interest Rates Revised from March 2026 | FD, RD & PPF Impact
Post Office Interest Rates Revised from March 2026 | FD, RD & PPF Impact
डाकघर की बचत योजनाओं में बड़ा बदलाव: 1 मार्च 2026 से लागू होंगी नई ब्याज दरें
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव की घोषणा कर दी है। ये नई दरें 1 मार्च 2026 से पूरे देश में लागू होंगी। इस फैसले का सीधा असर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसी लोकप्रिय योजनाओं पर पड़ेगा। डाकघर के माध्यम से करोड़ों लोग अपनी बचत निवेश करते हैं, ऐसे में यह बदलाव आम निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार द्वारा समय-समय पर डाकघर योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। यह कदम बाजार की मौजूदा स्थिति और रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के अनुरूप उठाया जाता है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, नई दरों का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर रिटर्न देना और छोटी बचत योजनाओं को अधिक आकर्षक बनाना है।
FD, RD और PPF पर क्या पड़ेगा असर?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD):
डाकघर की टाइम डिपॉजिट योजना में निवेश करने वाले ग्राहकों को अब बदली हुई ब्याज दरों का लाभ मिलेगा। अलग-अलग अवधि (1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल) की FD पर अलग-अलग दरें लागू होंगी। इससे लंबी अवधि में निवेश करने वालों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।
रिकरिंग डिपॉजिट (RD):
हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करने वाली RD योजना मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की पसंदीदा योजना है। नई ब्याज दर लागू होने के बाद RD खाताधारकों की मासिक बचत पर मिलने वाला ब्याज भी बदलेगा, जिससे मैच्योरिटी अमाउंट में अंतर आएगा।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF):
PPF सबसे सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न देने वाली योजना मानी जाती है। इसमें किया गया निवेश धारा 80C के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है। नई ब्याज दर लागू होने से लंबे समय तक निवेश करने वालों को फायदा या नुकसान दोनों हो सकता है, जो दरों पर निर्भर करेगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों ने पहले से निवेश कर रखा है, उनकी मौजूदा जमा राशि पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी, जबकि 1 मार्च 2026 के बाद किया गया नया निवेश नई दरों के अनुसार ब्याज पाएगा। ऐसे में निवेश से पहले नई दरों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।
डाकघर की योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित होती हैं, इसलिए इनमें जोखिम बहुत कम होता है। यही वजह है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग इन्हें सुरक्षित निवेश का माध्यम मानते हैं।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य छोटी बचत योजनाओं को बाजार की ब्याज दरों के अनुरूप बनाना और लोगों को अधिक बचत के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, यह कदम वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
1 मार्च 2026 से लागू होने वाली नई ब्याज दरें डाकघर की FD, RD और PPF योजनाओं को सीधे प्रभावित करेंगी। निवेशकों को चाहिए कि वे नई दरों की तुलना बैंकों की योजनाओं से करें और अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुनें। सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश के लिए डाकघर की योजनाएं अब भी एक मजबूत विकल्प बनी हुई हैं।
(यह बदलाव India Post की बचत योजनाओं पर लागू होगा और देशभर के सभी डाकघरों में प्रभावी रहेगा।)
