Name Of Post : कोडीन सिंडिकेट पर बड़ा एक्शन: STF की छापेमारी में मुख्य सहयोगी गिरफ्तार | सियासत गरम
कोडीन सिंडिकेट पर बड़ा एक्शन: STF की छापेमारी में मुख्य सहयोगी गिरफ्तार | सियासत गरम
कोडीन सिंडिकेट में गिरफ्तारी — मामला, जांच और राजनीतिक बयान (अद्यतन जानकारी)
उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप तस्करी रैकेट (Codeine cough syrup syndicate) के खिलाफ चल रही विशेष जांच में उत्तर प्रदेश Special Task Force (STF) ने आज एक बड़ा गिरफ्तारी ऑपरेशन किया है। इस कार्रवाई के तहत कोडीन सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के करीबी सहयोगी अमित यादव को वाराणसी (Harahua, Varanasi) से पकड़ा गया है। STF टीम ने उसे लखनऊ पूछताछ के लिए ले जाया है।
🔎 मामला क्या है?
यह सिंडिकेट एक बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी, अवैध भंडारण और वितरण नेटवर्क का हिस्सा है, जिसका दायरा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ बताया जा रहा है। आरोपी बड़ी मात्रा में सिरप को भारत के बाहर भेजकर भारी मुनाफा कमा रहे थे।
पुलिस ने पहले भी कई अन्य सहयोगियों तथा नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया है और फर्जी कंपनियों के माध्यम से कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री का खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि शुभम जायसवाल जैसे प्रमुख फरार आरोपी के खिलाफ कई गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हो चुके हैं और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल को पहले ही कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
🧑✈️ STF की कार्रवाई
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अमित यादव को STF ने वाराणसी से पकड़ा; वह सिंडिकेट के अहम सदस्य रहे हैं। उनके पास से अवैध भंडारण और तस्करी के सबूत मिले हैं।
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इससे पहले भी STF और पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं, जिसमें सिंडिकेट के सहयोगियों और स्थानीय समितियों के नेताओं के नाम शामिल हैं।
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केस की गंभीरता को देखते हुए Enforcement Directorate (ED) ने भी मनी-लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया है और अभियुक्त के संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई हुई है।
📌 राजनीतिक बयान और सियासी बयानबाज़ी
कोडीन रैकेट का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन चुका है।
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कुछ विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यह मामला सरकार और उसके सांठ-गांठ से जुड़ा है, और बड़ी तस्करी के पीछे राजनीतिक संरक्षण और स्थानीय रसूख के लोग हैं।
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वहीं सरकार का कहना है कि STF और अन्य एजेंसियों ने NDPS एक्ट के तहत सख्ती से कार्रवाई की है और किसी भी तरह की गड़बड़ी सहन नहीं की जाएगी।
📉 जांच की स्थिति और आगे क्या?
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STF की जांच लगातार जारी है और फरार मुख्य आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।
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ED और पुलिस दोनों ही आर्थिक लेन-देन, फर्जी फर्मों और अंतरराज्यीय तस्करी चैनलों की जांच कर रहे हैं।
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कई राज्यों और जिलों से FIR दर्ज की जा चुकी हैं और रैकेट के नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त टीमें काम कर रही हैं।
इस मामले का असर सिर्फ़ अपराध के स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक सुरक्षा बहस में भी बढ़ता जा रहा है। जांच से जुड़े नए खुलासों की खबर आने पर इसी रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।
