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Name Of Post : UP Govt Big News Today | Teachers-Employees को मिला Cashless इलाज का अधिकार

UP Govt Big News Today | Teachers-Employees को मिला Cashless इलाज का अधिकार

🏥 मुख्य घोषणा — क्या निर्णय लिया गया?

  • यूपी कैबिनेट ने 29/30 जनवरी 2026 को बैठक में एक बड़ा फैसला लिया है:
    राज्य के लगभग 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशक/कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल इलाज का अधिकार मिलेगा।

  • यह सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध (empanelled) निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। यानी लाभार्थी पैसे दिए बिना इलाज करा सकेंगे (आईपीडी यानी भर्ती इलाज के लिए)।




📌 किसे लाभ मिलेगा? (पात्रता)

✔️ शिक्षा विभाग से जुड़े लोग

नीचे के समूहों में शामिल लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे:

  • बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक

  • मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्र

  • अनुदेशक तथा अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारी

  • स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के योग्य शिक्षक

  • संस्कृत शिक्षा परिषद आदि से जुड़े कर्मी

  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कर्मचारी

  • मिड-डे मील से जुड़े रसोइये/कुक

इन सभी के परिवार के आश्रितों को भी कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा।


💰 लाभ का स्वरूप और सीमा

  • यह सुविधा आयुष्मान भारत जैसी प्रणाली के अनुरूप है — अस्पताल में भर्ती (IPD) के दौरान कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा।

  • इलाज की दरें राष्ट्रीय मानकों के अनुसार तय होंगी, जिससे सरकारी और निजी अस्पतालों में एक समान शुल्क लागू हो।

  • सरकार ने इसके लिए लगभग ₹448 करोड़ के अनुमानित खर्च का प्रावधान किया है।


🧑‍⚕️ कैसे मिलेगा इलाज? प्रक्रिया

  • लाभार्थी जब अस्पताल में भर्ती होंगे (IPD), तो इलाज का बिल सीधे सरकार/बीमा एजेंसी के जरिए क्लेम होगा — कोई अग्रिम नकद भुगतान नहीं

  • निजी अस्पतालों के लिए सूचीबद्ध (empanelled) नेटवर्क बनाया जाएगा, जहाँ से यह सुविधा मिलेगी।


⚠️ क्या कुछ छूट गया है?

✔️ कुछ वर्गों को शामिल नहीं किया गया है:
– उच्च शिक्षा से जुड़े कॉलेज/डिग्री कॉलेजों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी
– रिटायर्ड शिक्षकों/कर्मचारियों को फिलहाल इस फैसले में शामिल नहीं किया गया है (नाराज़गी भी जताई गई है) — क्योंकि कैबिनेट ने मुख्यतः बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग को ही शामिल किया।

✖️ वे लोग जिन्हें पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना (जैसे आयुष्मान भारत आदि) के अंतर्गत कवरेज मिलता है, वे मूल रूप से बहु योजनाओं का दोगुना लाभ नहीं ले पाएंगे — इस पर नियम लागू हो सकता है।


📌 सरकार का उद्देश्य

🔹 इस फैसले का लक्ष्य है:
शिक्षकों/कर्मचारियों के स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम करना,
उनके इलाज को आसान, व्यवस्थित और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना।
इसे शिक्षा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा कल्याण कदम बताया जा रहा है।